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पुलिस ने फिरदौस आलम को हिरासत में लिया
कोलकाता। कुख्यात निठारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस कांड की खौफनाक यादें जब भी जहन में आती हैं, रूह कांप उठती है। बच्चों की निर्मम हत्या और नरभक्षण जैसे आरोपों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। अब उसी तरह की एक और रूह कंपा देने वाली घटना कूचबिहार जिले के दिनहाटा से सामने आई है, जहां कथित तौर पर इंसानी मांस खाने के इरादे से एक बेघर बुजुर्ग की हत्या कर दी गई।
यह सनसनीखेज मामला दिनहाटा ब्लॉक-2 के शुकरुकुटी ग्राम पंचायत अंतर्गत थोराख़ाना गांव का है। गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक श्मशान घाट के पास करीब एक साल से एक बुजुर्ग बेसहारा हालत में रह रहा था। शनिवार को गांव के पास मेला लगा हुआ था, जिससे अधिकतर ग्रामीण वहां व्यस्त थे। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक की पहचान फिरदौस आलम के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने नशे की हालत में बुजुर्ग पर धारदार हथियार से गर्दन और गले पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद भी आरोपी की हैवानियत थमी नहीं। वह शव को उठाकर पास के एक ट्यूबवेल तक ले गया, वहां खून के निशान धोए और फिर शव को एक तालाब के किनारे छिपा दिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी का इरादा रात के समय शव के अंगों को धो- धोकर खाने का था। शनिवार दोपहर जब कुछ ग्रामीणों ने तालाब के पास शव पड़ा देखा, तो पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दिनहाटा के एसडीपीओ धीमान मित्रा, साहेबगंज थाना प्रभारी अजीत शाह और नयारहाट चौकी प्रभारी हिमाद्री घोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गर्दन के पीछे और गले पर गहरे कट के निशान पाए गए। इलाका दूरदराज और ग्रामीण होने के कारण वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, जिससे शुरुआत में पुलिस के लिए हत्या की वजह समझना मुश्किल हो गया। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
जांच के दौरान पता चला कि एक व्यक्ति ने आरोपी को तालाब के पास शव धोते हुए देखा था। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने फिरदौस आलम को हिरासत में लिया। आरोपी नशे का आदी बताया जा रहा है और उसे पहले भी कई बार नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया जा चुका था। हालांकि, उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।निठारी हत्याकांड की तरह दिनहाटा की यह घटना भी समाज के सबसे कमजोर तबके बेघर और असहाय लोगों की असुरक्षा को उजागर करती है।